- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- अखिलेश के ‘चौंकाने...
अखिलेश के ‘चौंकाने वाले नाम’ निकले धनराज नथवानी, पिता परिमल नथवानी भी राज्यसभा सांसद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी की ओर से धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उनका नाम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता प्रोफेसर राम गोपाल यादव के साथ धनराज नथवानी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इससे पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संकेत दिया था कि दूसरे उम्मीदवार का नाम सामने आने पर लोग चौंक सकते हैं। नथवानी के नाम की घोषणा के बाद इस बयान को उसी संदर्भ में देखा जा रहा है।
राम गोपाल यादव का नाम पहले से संभावित उम्मीदवारों में शामिल माना जा रहा था, लेकिन धनराज नथवानी की उम्मीदवारी अपेक्षाकृत अप्रत्याशित रही। इसका कारण यह है कि उनकी पहचान पारंपरिक राजनीति के बजाय कॉर्पोरेट मैनेजमेंट और खेल प्रशासन से अधिक जुड़ी रही है। वह रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े वरिष्ठ कॉर्पोरेट अधिकारी हैं और रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड में निदेशक के रूप में भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
धनराज का नाम सामने आते ही उनके पिता परिमल नथवानी की भी चर्चा तेज हो गई। परिमल नथवानी लंबे समय से उद्योग और सार्वजनिक जीवन से जुड़े रहे हैं तथा राज्यसभा के सदस्य भी हैं। धनराज की उम्मीदवारी ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि एक ही परिवार के पिता और पुत्र की अलग-अलग राजनीतिक संदर्भों में राज्यसभा से जुड़ी भूमिका सामने आई है।
धनराज नथवानी गुजरात से ताल्लुक रखते हैं। उनका करियर मुख्य रूप से कॉर्पोरेट क्षेत्र में रहा है। उन्होंने रिलायंस समूह में विभिन्न जिम्मेदारियां संभाली हैं और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कंपनी में निदेशक पद पर भी काम किया है। इसके अलावा खेल प्रशासन में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है। गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन और गुजरात राज्य फुटबॉल एसोसिएशन से उनका जुड़ाव रहा है।
उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी कॉर्पोरेट और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़ी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने लंदन में इंटरनेशनल बिजनेस की पढ़ाई की है। उद्योग जगत के अलावा पर्यावरण, वन्यजीव संरक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े कार्यक्रमों में भी उनकी भागीदारी रही है।
समाजवादी पार्टी की ओर से धनराज नथवानी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि पार्टी ने उन्हें क्यों चुना। पार्टी ने अभी उनके चयन के पीछे विस्तृत राजनीतिक कारण सार्वजनिक नहीं किए हैं। ऐसे में उनके चयन को लेकर सामने आ रही विभिन्न व्याख्याएं राजनीतिक विश्लेषण तक सीमित हैं। उपलब्ध तथ्य इतना स्पष्ट करते हैं कि नथवानी कॉर्पोरेट और खेल प्रशासन की पृष्ठभूमि से आते हैं तथा उत्तर प्रदेश की सक्रिय चुनावी राजनीति में अब तक कोई प्रमुख भूमिका नहीं निभाते रहे हैं।
सपा की सूची में दूसरा नाम प्रोफेसर राम गोपाल यादव का है, जो पार्टी के लंबे समय से वरिष्ठ नेता हैं। वह राज्यसभा में सपा के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं और पार्टी की संसदीय रणनीति तथा संगठनात्मक फैसलों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट भी उन्हें राज्यसभा में अपने वरिष्ठ प्रतिनिधियों में गिनाती है।
दो अलग-अलग पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों का चयन इस चुनाव को चर्चा में ले आया है। एक ओर राम गोपाल यादव अनुभवी राजनीतिक नेता हैं, वहीं दूसरी ओर धनराज नथवानी कॉर्पोरेट और खेल प्रशासन की दुनिया से आते हैं। इस संयोजन ने उम्मीदवार चयन को लेकर राजनीतिक रुचि बढ़ा दी है।
धनराज नथवानी की उम्मीदवारी की चर्चा उनके पिता के राजनीतिक और कारोबारी परिचय के कारण भी बढ़ी है। परिमल नथवानी का रिलायंस समूह से पुराना जुड़ाव रहा है और वे राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं। उनके सार्वजनिक जीवन और उद्योग जगत की पहचान पहले से स्थापित रही है। ऐसे में धनराज की राज्यसभा उम्मीदवारी ने नथवानी परिवार को एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
समाजवादी पार्टी ने बुधवार को दोनों उम्मीदवारों की घोषणा की और उन्हें नामांकन प्रक्रिया के लिए आगे बढ़ाया। दोनों उम्मीदवारों ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया। उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव होना है।
धनराज नथवानी की उम्मीदवारी इसलिए भी अलग मानी जा रही है क्योंकि वह पार्टी संगठन से लंबे समय से जुड़े पारंपरिक राजनीतिक चेहरे नहीं हैं। उनका पेशेवर अनुभव उद्योग, ऊर्जा और खेल प्रशासन के क्षेत्र में रहा है। ऐसे में यदि वह राज्यसभा पहुंचते हैं तो उनकी संसदीय भूमिका और जिन विषयों पर वह सक्रियता दिखाते हैं, उस पर भी नजर रहेगी।
अखिलेश यादव ने उम्मीदवारों के ऐलान से पहले जिस ‘चौंकाने वाले नाम’ की बात कही थी, धनराज की घोषणा के बाद वह राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन गई। सपा ने उनके साथ अपने पुराने और अनुभवी नेता राम गोपाल यादव को उतारकर एक तरफ निरंतरता बनाए रखी है, तो दूसरी तरफ एक गैर-पारंपरिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार को मौका दिया है।
फिलहाल धनराज परिमल नथवानी का नाम उत्तर प्रदेश के राज्यसभा चुनाव की सबसे चर्चित उम्मीदवारी में शामिल हो गया है। उनके कॉर्पोरेट करियर, खेल प्रशासन से जुड़ाव और पिता परिमल नथवानी की राजनीतिक-सार्वजनिक पहचान के कारण उनकी प्रोफाइल पर विशेष ध्यान बना हुआ है। अब आगे नजर राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया और समाजवादी पार्टी की शेष रणनीति पर रहेगी।





